हल्द्वानी। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। इसी बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर कांग्रेस नेता अब्दुल राजिक ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास और रामपुर तिराहा कांड को देखते हुए समाजवादी पार्टी को इंडिया गठबंधन के तहत साथ लेकर चलना प्रदेश की जनता और राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।
अब्दुल राजिक ने कहा कि उत्तराखंड के लोग रामपुर तिराहा कांड को आज भी नहीं भूले हैं। राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों का बलिदान प्रदेश की जनता के लिए भावनात्मक मुद्दा है। ऐसे में यदि कांग्रेस समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ती है, तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राज्य आंदोलन का इतिहास बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी को साथ लेकर चुनाव लड़ने का फैसला कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। राजिक के मुताबिक, उत्तराखंड की जनता ने समाजवादी पार्टी को पहले भी स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में गठबंधन होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिछले दस वर्षों की मेहनत प्रभावित हो सकती है।
अब्दुल राजिक ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रदेश की जनता की भावनाओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ती है, तो वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पूरे प्रदेश में रथ यात्रा निकालेंगे। उनके अनुसार, इस अभियान के जरिए कार्यकर्ताओं के बीच जाकर गठबंधन के फैसले का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि उत्तराखंड के ऐतिहासिक संदर्भों और राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए गठबंधन के मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाए।



