उत्तराखंड के जसपुर में वर्ष 2012 में हुए हाईवे जाम के एक पुराने मामले में अदालत ने दो विधायकों समेत 24 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। मामला हाईवे बाधित करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोपों से जुड़ा है।
घटना 15 जुलाई 2012 की बताई गई है। आरोप है कि एक युवती को दूसरे समुदाय का युवक अपने साथ ले गया था। इसको लेकर भाजपा नेताओं समेत कई लोगों ने जसपुर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया था। तत्कालीन जसपुर कोतवाली प्रभारी जेसी पाठक की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने 9 अक्टूबर 2014 को मामले में संज्ञान लिया। बाद में राज्य सरकार ने 2 सितंबर 2019 को मुकदमा वापस लेने का निर्णय लिया था, लेकिन अदालत से सरकार के फैसले को राहत नहीं मिली।
मामले को लेकर आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट का रुख भी किया गया। *14 अगस्त 2026* को नैनीताल हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत को मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार की अदालत ने मामले में दो विधायकों समेत कुल *24 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट* जारी कर दिए हैं। अब पुराने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की न्यायिक कार्रवाई की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।


