उत्तराखंड में मौसम का बदलता रुख चिंता बढ़ा रहा है। पहले बारिश की कमी और सर्दियों में सूखे जैसे हालात देखने को मिले, और अब मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। स्थिति यह है कि महीने के पहले ही सप्ताह में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में ऐसा पहली बार है जब मार्च के शुरुआती दिनों में पारा 30 डिग्री तक पहुंचा हो। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 मार्च को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। सात मार्च तक भी अधिकांश क्षेत्रों में शुष्क मौसम की स्थिति बनी रहने की संभावना है। हालांकि 8 और 9 मार्च को पर्वतीय इलाकों में मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे तापमान में खास गिरावट की उम्मीद नहीं है।
मंगलवार को दून में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री ज्यादा 12.1 डिग्री रहा। यही हाल राज्य के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री ज्यादा 23.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मार्च की शुरुआत में ही तापमान में इस असामान्य बढ़ोतरी ने मौसम के मिजाज को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिक इसके पीछे जलवायु परिवर्तन और मौसम चक्र में आए बदलाव को मुख्य कारण मान रहे हैं।


