उत्तराखंड के बागेश्वर में 17 दिनों से लापता अधिवक्ता और पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार का शव नदीगांव क्षेत्र में थौड़ाई के पास एक गधेरे से बरामद हुआ है। बुधवार देर शाम शव मिलने की खबर से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुटी है। माना जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर से लापता थे। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिलने पर उनकी मां ने 31 अक्टूबर को बागेश्वर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं।
अधिवक्ता की बरामदगी को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय में वकीलों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग उठाई थी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
इसी बीच मंगलवार देर शाम पुलिस को नदीगांव के थौड़ाई क्षेत्र के पास एक गधेरे में शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कपकोट के सीओ के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
परिजनों ने चेहरे और जैकेट के आधार पर शव की पहचान धीरेंद्र परिहार के रूप में की। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ करने के साथ ही घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है।
सीओ अजय साह ने बताया कि लापता अधिवक्ता का शव थौड़ाई के पास से बरामद किया गया है। मामले में कुछ अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



