नैनीताल जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत, जवाबदेह और हाई-टेक बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टीसी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन नैनीताल सभागार में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता और नशे को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गोष्ठी से पहले आयोजित कर्मचारी सम्मेलन में एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद समीक्षा बैठक में उन्होंने अपराध नियंत्रण, डिजिटल पुलिसिंग और फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए।
एसएसपी ने रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘टोका-टोकी’ रणनीति लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात में संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए और अनावश्यक रूप से घूमने वाले अराजक तत्वों पर सख्ती बरती जाए। सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात 11 बजे के बाद दुकानों को बंद कराने के लिए व्यापार मंडलों से समन्वय के भी निर्देश दिए गए।
पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए ‘ई-बीट बुक ऐप’ का उपयोग सभी कर्मियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। हेड कांस्टेबल को इसी माध्यम से डाटा एंट्री और सत्यापन करना होगा, जबकि एएसआई और उससे ऊपर के अधिकारी डिजिटल साक्ष्य के लिए ‘ई-साक्ष्य आईडी’ का उपयोग करेंगे। सभी थानों को CCTNS पर कार्य पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए।
ड्यूटी के दौरान वर्दी की मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए एसएसपी ने कहा कि सभी कर्मियों की समय-समय पर अल्कोमीटर से जांच की जाएगी। नशे की हालत में पाए जाने पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई होगी। साथ ही अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान हथियार और वायरलेस सेट साथ रखना अनिवार्य किया गया है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में अव्यवस्था मिलने पर संबंधित बीट कांस्टेबल और हल्का इंचार्ज जिम्मेदार होंगे। उन्होंने पुलिस की फील्ड विजिबिलिटी बढ़ाने और आम जनता के साथ मर्यादित व सहयोगपूर्ण व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए।पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 42 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


