आपदा उत्तराखण्ड कुमाऊं गढ़वाल देहरादून मौसम हिल दर्पण

उफनाईं नदियां, टूटे संपर्क… उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, ऑरेंज अलर्ट

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेशभर में नदियां उफान पर बह रही हैं, जबकि भूस्खलन और मलबा आने से 85 सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे अधिक असर चारधाम यात्रा पर पड़ा है, जहां यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बंद होने से सैकड़ों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए हैं। प्रशासन और निर्माण एजेंसियां मार्ग बहाल करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। हालात को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  IMD का अलर्ट, प्रशासन सतर्क!...उत्तराखंड के इन जिलों में गुरुवार को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी के पास भारी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ियों से लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित हिस्सों में वाहनों की आवाजाही रोक दी है। हाईवे के दोनों ओर श्रद्धालुओं के वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और कई यात्रियों को घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट!...इस जिले में 6 अगस्त को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

वहीं, स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के उफान के कारण कई होटल और भवनों की पहली मंजिल तक पानी भर गया है। स्थानीय लोग पिछले कई दिनों से जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में कुल 85 सड़कें बंद हैं। इनमें चमोली में सबसे अधिक 20, पिथौरागढ़ में 13, बागेश्वर में 10, नैनीताल में 8, टिहरी में 8, देहरादून में 7, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में 6-6, पौड़ी में 5 तथा अल्मोड़ा में 2 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं।

इधर, गुरुवार सुबह विजयनगर-तैला मोटर मार्ग भी एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। यह सड़क 80 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। मानसून के दौरान इस मार्ग पर लगातार भूस्खलन और भूधंसाव की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में रफ्तार बनी काल!... तीन स्कूली छात्रों को टैंकर ने कुचला, एक की मौके पर मौत

प्रशासन ने लोगों और चारधाम यात्रियों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल सुरक्षित परिस्थितियों में ही यात्रा करने की अपील की है। वहीं बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए संबंधित विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में