उत्तराखण्ड गढ़वाल देहरादून स्वास्थ्य हिल दर्पण

बारिश, बदहाल रास्ते और स्वास्थ्य सेवाओं की बेबसी… नवजात के बाद मां की भी मौत

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क व पैदल मार्गों ने एक बार फिर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक की बडासू पट्टी के सुदूरवर्ती ओसला गांव में 26 वर्षीय प्रसव पीड़िता अमीना और उसके नवजात की मौत ने स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत सामने ला दी है।

शुक्रवार सुबह ओसला गांव में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता अमीना की हालत भी बिगड़ गई। परिजन और ग्रामीण उसे डंडी-कंडी के सहारे अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन ओसला से करीब पांच किलोमीटर दूर गंगाड़ के पास रास्ते में ही अमीना ने दम तोड़ दिया।

यह भी पढ़ें 👉  मातम में बदलीं जन्मदिन की खुशियां!... स्कॉर्पियो-डंपर की भिड़ंत, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के कारण क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन, मलबा और गदेरों के उफान से पैदल रास्ते बेहद खराब और जानलेवा हो गए हैं। ओसला समेत आसपास के गांवों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में घंटों लग जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर उपचार और बेहतर आवागमन की सुविधा नहीं मिलने के कारण गंभीर मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है।

यह भी पढ़ें 👉  फिर विवादों में उत्तराखंड के यूट्यूबर!...साथियों समेत गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

अमीना का मायका ओसला और ससुराल गंगाड़ में है। प्रसव के लिए वह मायके आई हुई थी। प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद गंभीर हालत में उसे मोरी लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में मातम है और ग्रामीणों में आक्रोश है।

यह भी पढ़ें 👉  राज्यसभा चुनाव में BJP का मास्टरस्ट्रोक!... दिनेश आर्य ने भरा पर्चा, धामी के बयान से गरमाई सियासत

सीएचसी मोरी के उप चिकित्साधिकारी डा. रमेश सिंह ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव तिथि से करीब 15 दिन पहले नजदीकी चिकित्सालय के आसपास ठहराने की व्यवस्था है। ओसला की प्रसव पीड़िता की मौत के मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच की जाएगी।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में