उत्तराखंड में एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि हर्षिल पुलिस के कुछ जवानों ने एक टैक्सी चालक के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। चालक का आरोप है कि उसे जबरन थाने ले जाने की कोशिश की गई और पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन से कूदने के लिए भी उकसाया। घटना के विरोध में सोमवार को टैक्सी-मैक्सी वाहन चालक सड़क पर उतर आए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामला उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र का है। भटवाड़ी टैक्सी स्टैंड के पदाधिकारियों और टैक्सी-मैक्सी वाहन चालकों ने हर्षिल पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। चालकों के अनुसार, रविवार को चालक अरविंद चौहान स्टैंड से गंगोत्री की सवारी लेकर जा रहा था।
चालक अरविंद चौहान का आरोप है कि हर्षिल में पुलिस चेकिंग अभियान चल रहा था। इसी दौरान वह चेकिंग स्थल से करीब सौ मीटर आगे बढ़ा, तभी हर्षिल पुलिस के एसआई सुनील तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसका वाहन रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाने लगे।
चौहान का आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन से कूदने के लिए उकसाया, जिसके बाद वह वाहन से नीचे गिर गया। वह नदी में बहने से बाल-बाल बचा। पुलिस और पीआरडी जवानों ने उसे बाहर निकालकर हर्षिल अस्पताल पहुंचाया।
घायल चालक से मिलने पहुंचे अन्य चालक धर्मेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पुलिसकर्मियों ने उसके साथ भी बदसलूकी की और उसके मोबाइल से वीडियो डिलीट करवा दिया। बाद में घायल चालक को पुलिस की ओर से जिला अस्पताल भेजा गया।
घटना को लेकर टैक्सी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसपी कमलेश उपाध्याय से मुलाकात कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो टैक्सी स्टैंड से वाहनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। वहीं, एसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद हर्षिल थानाध्यक्ष को जांच के निर्देश दिए गए हैं।


