उत्तराखंड में अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए शासन ने प्रशासनिक और पुलिस तंत्र में फेरबदल की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों समेत कई विभागों के अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया जा सकता है।
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाता है। हालांकि, अभी निर्वाचन आयोग की ओर से तबादलों को लेकर औपचारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं, लेकिन शासन ने पहले से ही इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे कार्मिकों की सूची तैयार की जा रही है, जिन्होंने एक ही जिले में करीब तीन वर्ष या उससे अधिक की अवधि पूरी कर ली है। इसमें प्रशासनिक और पुलिस विभाग के साथ ही अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं। जिलों से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का विवरण मांगा गया है।
शासन स्तर पर सूची तैयार होने के बाद चुनावी दृष्टि से संवेदनशील पदों पर तैनात अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है।
सचिव कार्मिक शैलेश बगौली के अनुसार, स्थानांतरण एक सतत प्रक्रिया है। निर्वाचन आयोग की ओर से जब आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, तब शासन उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगा।


