उत्तराखंड कांग्रेस में अनुशासनहीनता को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर तीन नेताओं को छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री (संगठन) राजेन्द्र सिंह भंडारी की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि पिथौरागढ़ के पूर्व जिलाध्यक्ष महेन्द्र लुंठी, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी और दीपक लुंठी को यह कार्रवाई झेलनी पड़ी है।
भंडारी के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेशभर में “परिवर्तन संकल्प सम्मेलन” आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 30 जून 2026 को पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप है कि इन तीनों नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम के दौरान मंच पर व्यवधान डालकर आयोजन में बाधा उत्पन्न की, जिसे पार्टी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।
घटना के बाद तीनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया था। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी पिथौरागढ़ से विस्तृत रिपोर्ट भी मंगवाई गई। प्राप्त रिपोर्ट और जवाबों की समीक्षा के बाद, राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का निर्णय लिया।
प्रदेश नेतृत्व ने दोहराया कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और पार्टी विरोधी गतिविधियों या अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


