हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हल्द्वानी पहुंचने से पहले पुलिस ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमन्त साहू और पार्षद प्रीति आर्या के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नजरबंद कर दिया। पुलिस दोनों को राजपुरा स्थित उनके आवास से हिरासत में लेकर गई। इस दौरान हेमन्त साहू और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की व खींचतान भी हुई।
पुलिस की इस कार्रवाई पर हेमन्त साहू ने नाराजगी जताते हुए प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, स्मार्ट मीटर और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से परेशान है। हल्द्वानी में सड़कों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार विरोध करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
साहू ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल करना और जनता की समस्याओं को उठाना उनका अधिकार है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार जनहित में काम कर रही है तो उसे जनता की आवाज से डरने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध करने वालों को नजरबंद करने के बजाय महंगाई, बेरोजगारी और खराब बुनियादी सुविधाओं पर जवाब देना चाहिए।
इस दौरान पार्षद प्रीति आर्या ने महिलाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घर बैठे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार की आय बढ़ाने में सहयोग कर सकें। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके लिए रोजगार के ठोस अवसर तैयार करने होंगे। हेमन्त साहू ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से जनहित के मुद्दों पर उनकी आवाज दबने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महंगाई, बेरोजगारी और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सरकार के सामने सवाल उठाते रहेंगे।



