उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है। इसका कारण अभिनेत्री उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो हैं, जिसमें वह मामले की परतें खोलने का दावा कर रही हैं और वीआईपी नामों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगा रही हैं। इस मामले को लेकर प्रदेश में सियासी भूचाल मचा हुआ है और भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व भी अब गंभीर स्थिति में है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने पूरे मामले की रिपोर्ट ली है और लगातार सामने आ रहे तथ्यों तथा राजनीतिक हलचल पर नजर रखी जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता उर्मिला के वीडियो, लाइव सत्र और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी से असहज महसूस कर रहे हैं। वीडियो में लगाए गए आरोपों और टेलीफोन बातचीत के रिकॉर्ड के कारण पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मामले पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया, जबकि प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने मीडिया के सामने कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई। वहीं, कांग्रेस और यूकेडी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है।
मीडियो रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व इस मामले को न सिर्फ गंभीरता से देख रहा है, बल्कि इसके सियासी नफा-नुकसान का भी आकलन कर रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मीडिया से बेवजह बयानबाजी से बचने और सुरक्षात्मक रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण का प्रभाव संगठन के भविष्य के फेरबदल और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी पड़ सकता है।
राज्य प्रवक्ता और राजपुर विधायक खजानदास ने शुक्रवार को पार्टी का पक्ष रखा, लेकिन संगठन के वरिष्ठ नेता अब सीधे मीडिया से बात करने से बच रहे हैं। यह मामला भाजपा के लिए संवेदनशील और आगामी चुनावों की रणनीति के लिहाज से भी निर्णायक माना जा रहा है।


