उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी 17 जुलाई को उत्तराखंड दौरे पर पहुंचेंगे। राहुल गांधी यहां कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अभियान के जरिए कांग्रेस कथित पेपर लीक मामलों को लेकर युवाओं और छात्रों की आवाज उठाने का दावा कर रही है।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, वहीं भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चुनाव के समय नेताओं का उत्तराखंड दौरा बढ़ना सामान्य बात है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव से पहले नेताओं का आना-जाना शुरू हो जाता है।
मुख्यमंत्री धामी ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पेपर लीक के मामले कांग्रेस सरकार के समय भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर पहले अपने कार्यकाल और अपनी पार्टी के नेताओं से सवाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेता पहले आते और युवाओं के मुद्दों को उठाते तो इसे गंभीरता से लिया जाता, लेकिन चुनावी समय में दौरे होना राजनीति का हिस्सा है।
वहीं शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस साढ़े चार साल बाद उत्तराखंड आती है और मेहमाननवाजी कराकर चली जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार काम कर रही है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके मद्देनजर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। राष्ट्रीय नेताओं के दौरे भी शुरू हो चुके हैं। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उत्तराखंड पहुंचे थे, जबकि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन का भी प्रदेश दौरा हुआ है। राहुल गांधी के आगामी दौरे को कांग्रेस चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है। वहीं भाजपा इसे चुनावी दौर में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता के रूप में देख रही है।


