उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग शहर में लगने वाले जाम से राहत दिलाने वाली बाईपास परियोजना अब पूरी तरह तैयार हो गई है। परियोजना के दूसरे चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ करीब 900 मीटर लंबी सुरंग और अलकनंदा नदी पर करीब 190 मीटर लंबे मोटर पुल का काम भी पूरा कर लिया गया है। अब बाईपास के औपचारिक उद्घाटन का इंतजार है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सुरंग के भीतर सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था, वेंटिलेशन, सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी काम पूरे हो चुके हैं। पुल की लोड टेस्टिंग सहित आवश्यक तकनीकी जांच भी पूरी कर ली गई है। करीब एक माह पहले निर्माण कार्य समाप्त होने के बाद से परियोजना को यातायात के लिए खोलने की तैयारी चल रही है।
बाईपास के उद्घाटन को लेकर चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित केदारनाथ-बदरीनाथ दौरे के दौरान 20 से 25 अक्टूबर के बीच परियोजना का लोकार्पण कराया जा सकता है। हालांकि प्रधानमंत्री के दौरे और उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बाईपास परियोजना को पूरा करने की समयसीमा कई बार बढ़ाई गई। पहले इसे वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा से पहले तैयार करने का लक्ष्य था। इसके बाद सितंबर 2025, वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा से पहले और फिर 15 अगस्त 2026 तक काम पूरा करने की समयसीमा तय हुई। बाद में विभाग ने 31 अगस्त 2026 की डेडलाइन निर्धारित की, जिसके बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने भी परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखी। निर्माण स्थल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित एजेंसी को काम में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।
रुद्रप्रयाग बाईपास शुरू होने के बाद केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले वाहनों का एक बड़ा हिस्सा शहर के बाहर से गुजर सकेगा। इससे यात्रा सीजन में शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम होने और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के साथ चारधाम यात्रियों को भी इससे आवागमन में सुविधा मिलेगी।
रुद्रप्रयाग बाईपास को वर्ष 2003-04 में केंद्र सरकार से मंजूरी मिली थी। पहले चरण के बाद दूसरे चरण का काम बजट के अभाव में लंबे समय तक अटका रहा। वर्ष 2021 में दूसरे चरण को मंजूरी मिलने के बाद दिसंबर 2022 में करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण शुरू हुआ। अब परियोजना तैयार है और औपचारिक उद्घाटन की तारीख का इंतजार किया जा रहा है।


