हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज होने के बाद सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे। कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, श्रीराम सेवा से जुड़े गिरीश पांडे समेत करीब 15 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को तहरीर दी। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी अन्यायपूर्ण बताते हुए पुलिस से दोनों मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
यशपाल आर्या ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद उनके भाषण मंच का कथित शुद्धिकरण कर उनका अपमान किया गया। कांग्रेस की ओर से इस मामले में पहले भी पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके विपरीत राहुल गांधी के खिलाफ चंद मिनटों में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता उजागर होती है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कथित शुद्धिकरण की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित एआई निर्मित फर्जी वीडियो के मामले में भी मुकदमा दर्ज कर जांच की जाए। यशपाल आर्या ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। यदि पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।
गौरतलब है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा रैली के भाषण मंच का कथित शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा पर दलितों के अपमान का आरोप लगाया था। अब राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कांग्रेस ने इस मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा दिया है।


