हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दर्ज आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने गंभीर चिंता जताई है। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ई.आर.ओ./सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी विधानसभा को ज्ञापन सौंपकर संदिग्ध एवं सामूहिक आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में करीब 43 हजार आपत्तियां दर्ज हुई हैं। इनमें से करीब 1,500 मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित ऑनलाइन आपत्तियां 10 अगस्त से सामने आई हैं। पार्टी का दावा है कि कुछ मामलों में एक ही शिकायतकर्ता ने लगभग 40-40 मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की हैं। कांग्रेस ने इसे सामान्य प्रक्रिया से अलग बताते हुए ऐसे मामलों की विशेष जांच की मांग की है।
महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि कांग्रेस SIR प्रक्रिया के विरोध में नहीं है और बूथ स्तर पर अपने BLA-2 के माध्यम से निर्वाचन आयोग को सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि वास्तविक और तथ्यात्मक आपत्तियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी संदिग्ध या गलत शिकायत के आधार पर पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रत्येक शिकायतकर्ता की पहचान और आपत्ति के आधार का सत्यापन कराया जाए। संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत या फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हल्द्वानी विधानसभा प्रभारी एवं BLA-1 डॉ. मयंक भट्ट ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटना उसके सीधे मताधिकार को प्रभावित करता है। इसलिए सामूहिक या बड़ी संख्या में एक ही शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज आपत्तियों को सामान्य मामलों से अलग रखते हुए सत्यापन किया जाना जरूरी है।
कांग्रेस ने फॉर्म संख्या-10 में शिकायतकर्ता से संबंधित आवश्यक विवरण अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने, करीब 1,500 मतदाताओं से जुड़ी संदिग्ध आपत्तियों का सत्यापन कराने और सभी राजनीतिक दलों के BLA को आवश्यक जानकारी व सहयोग देने की भी मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। अपात्र मतदाताओं की पहचान जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह निर्वाचन आयोग और प्रशासन को सहयोग जारी रखेगी तथा किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत, फर्जी या संदिग्ध आपत्ति के आधार पर हटाए जाने का विरोध करेगी।
ज्ञापन देने वालों में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, डॉ. मयंक भट्ट, जिला महासचिव मलय बिष्ट, पूर्व मंत्री सुहैल सिद्दीकी, गोविन्द बगड़वाल, पार्षद एडवोकेट धर्मवीर, कन्नू परगाई, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुमित कुमार, एडवोकेट कोमल जायसवाल, योगेंद्र पाठक, अंकुर जोशी, मोहित दुर्गापाल और देवेंद्र नेगी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


