उत्तराखंड में फास्ट ट्रैक (POCSO) अदालत ने महिला से जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने और विरोध करने पर उसकी निर्मम हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे न भरने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला राजधानी देहरादून में 31 जुलाई 2023 को सामने आया, जब हाथीबड़कला क्षेत्र के सर्व गेट के पास कूड़ेदान के नजदीक एक महिला अचेत अवस्था में मिली थी। नगर निगम कर्मियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को दून अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर पर गंभीर चोट बताया गया।
पुलिस ने उसी दिन कैनाल रोड क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। शुरुआती जांच में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी, जिसके चलते पुलिस ने आगे की जांच शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह महिला से रेलवे स्टेशन के पास मिला था और दोनों के बीच बातचीत के बाद शराब पी गई थी। इसी दौरान विवाद हुआ, और जब महिला ने शारीरिक संबंध बनाने से इनकार किया तो आरोपी ने गुस्से में उसका सिर दीवार पर दे मारा, जिससे वह बेहोश हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में महिला के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए, साथ ही संघर्ष के संकेत भी मिले। घटनास्थल से महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्य भी एकत्र किए गए, जिनमें पीड़िता के हाथों में आरोपी के बाल पाए गए, जो केस में अहम सबूत बने। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 31 दस्तावेजी साक्ष्य और 9 गवाह पेश किए। सभी सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और मामले का निपटारा किया।


