उत्तराखंड भाजपा में नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति को लेकर हलचल तेज हो गई है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी हाईकमान प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी ऐसे अनुभवी नेता को सौंपने की तैयारी में है, जो चुनावी रणनीति के साथ संगठन के भीतर बेहतर तालमेल भी बना सके।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम सामने आने के बाद संगठन में नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को तीन राज्यों में प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की घोषणा की गई। इसके बाद उत्तराखंड के नए प्रभारी को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वर्तमान में दुष्यंत कुमार उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लंबे समय से इस पद पर रहने के कारण अब उनके स्थान पर किसी नए नेता को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, दुष्यंत कुमार के संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए नए प्रभारी के चयन को पार्टी बेहद अहम मान रही है।
उत्तराखंड में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए संगठन को चुनावी लिहाज से मजबूत करने के साथ सामाजिक समीकरणों को साधने पर भी जोर है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रदेश के चार नेताओं को जगह मिलना भी संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए प्रदेश प्रभारी के चयन में ऐसे नेता को प्राथमिकता मिलने की चर्चा है, जिसके पास संगठन चलाने का अनुभव हो और जो प्रदेश नेतृत्व, कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर सके। चुनावी रणनीति तैयार करने और उसे बूथ स्तर तक लागू कराने की क्षमता भी नए प्रभारी के लिए अहम कसौटी मानी जा रही है।


