नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल की ऐतिहासिक मॉल रोड को ध्वनि प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में 1 अगस्त से तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक पूरे मॉल रोड क्षेत्र को ‘नो हॉर्न जोन’ घोषित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में पुलिस, परिवहन, नगर पालिका, राजस्व विभाग और जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिबंध लागू होने से पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और बाहरी वाहन चालकों को नए नियमों की पूरी जानकारी मिल सके।
जिलाधिकारी ने मॉल रोड और अन्य प्रमुख स्थानों पर ‘नो हॉर्न’ संकेतक, डिस्प्ले बोर्ड और फ्लेक्स लगाने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नैनी झील की सुरक्षा से जुड़े संदेश भी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन, नाव संचालकों, बार एसोसिएशन, डीएसए सहित विभिन्न स्थानीय संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
प्रशासन 24 से 31 जुलाई तक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाएगा। इसके लिए एनसीसी, एनएसएस और ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवकों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी और संभागीय परिवहन अधिकारी को विभिन्न संगठनों के साथ बैठक कर लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर मॉल रोड क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए। कैमरों के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि नैनीताल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। अनावश्यक हॉर्न से होने वाला ध्वनि प्रदूषण पर्यावरण और पर्यटन दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए ‘नो हॉर्न जोन’ का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को शांत एवं सुखद वातावरण उपलब्ध कराना है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक (यातायात) जगदीश चंद्र, संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद पांडे, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, पुलिस क्षेत्राधिकारी रविकांत सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


