उत्तराखंड में अप्रैल माह में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय से सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कम मतदाता मैपिंग वाले जिलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में अब तक लगभग 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके। साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के प्रशिक्षण कार्य को भी निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग एक्शन प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि एसआईआर से पहले सभी बूथों पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं।
इसके अलावा, सभी जिलों को गणना प्रपत्र (फॉर्म) वितरण की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि समय पर फॉर्म वितरण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें।
गौरतलब है कि पिछले महीने भारत निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड को पत्र भेजकर संकेत दिया था कि अप्रैल 2026 से SIR प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक तिथियों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इसे लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरा करना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और तय समय सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।


