हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के नगरीय क्षेत्रों में फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण को गंभीर समस्या बताते हुए इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि फुटपाथों पर स्थायी-अस्थायी अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, निर्माण सामग्री का भंडारण और व्यावसायिक विस्तार के कारण पैदल यात्रियों का आवागमन बाधित हो रहा है।
डीएम ने कहा कि इससे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों को मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि फुटपाथों का मूल उद्देश्य पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षित आवागमन भी इसी अधिकार का हिस्सा है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को संयुक्त टीम बनाकर एक माह के भीतर फुटपाथों का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।
सर्वे के दौरान अतिक्रमण को श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा, जिसमें स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, निर्माण सामग्री का भंडारण, फुटपाथों की टूट-फूट और दिव्यांगजन बाधाएं शामिल होंगी। इसके बाद अतिक्रमणकर्ताओं को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कार्रवाई की जाएगी, अन्यथा बलपूर्वक हटाने की कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी नगर निकाय हर सप्ताह कम से कम एक संयुक्त अभियान चलाएं, जिसमें नगर निकाय, पुलिस और संबंधित विभाग शामिल हों। साथ ही लोक निर्माण विभाग को फुटपाथों की मरम्मत एवं सुधार कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फुटपाथों पर किसी भी प्रकार की अवैध पार्किंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। प्रत्येक नगर निकाय में नोडल अधिकारी नियुक्त कर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने चेतावनी दी कि आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


