अजब- गजब उत्तराखण्ड ऊधमसिंह नगर कुमाऊं जन मुद्दे हिल दर्पण

माइक से भिड़े विधायक… सांड ने पंडाल में किया अटैक, जनता रही हैरान!

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में जनता की समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए राज्य में “जन-जन की सरकार, जनता के द्वार” कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उधम सिंह नगर के शांतिपुरी में आयोजित शिविर में हंगामा और अफरा-तफरी का नजारा देखने को मिला, जब अचानक एक आवारा सांड पंडाल में घुस गया।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद... हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 2 FIR से लेकर जांच तक खुला पूरा राज

इस घटना से कार्यक्रम में मौजूद लोग और अधिकारियों में खलबली मच गई। काफी मशक्कत के बाद सांड को बाहर निकाला गया और कार्यक्रम फिर से सुचारू रूप से चलाया गया। इस दौरान 2038 लोगों की समस्याओं का समाधान भी किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में अगले 6 दिन बेहद भारी!... लगातार बरसेंगे बादल, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में आवारा पशु लगातार फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं और सड़क पर लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गए हैं। कार्यक्रम के दौरान हंगामा तब और बढ़ गया, जब किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने माइक छीन लिया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में बजा चुनावी बिगुल... इन नगर पालिकाओं में वोटिंग की तारीख तय

प्रदेशभर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाना है। प्रशासन ने आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में