उत्तराखंड में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंतजाम सामने आया है। जिसका पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शादीशुदा प्रेमी द्वारा शादी का दबाव बनाए जाने से नाराज होकर युवक ने अपने भाई और जीजा के साथ मिलकर प्रेमिका की हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंक दिया।
यह मामला हरिद्वार जिले के चंडी देवी मंदिर रोपवे मार्ग के पास जंगल में मिले एक अज्ञात महिला के शव से जुड़ा है। हरिद्वार पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने करीब 600 घंटे की सीसीटीवी फुटेज, 1.64 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों और तकनीकी डाटा की जांच के बाद इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश किया।
10 मई को चंडी देवी मंदिर के पैदल मार्ग के पास झाड़ियों में एक महिला का शव बरामद हुआ था। शव निर्वस्त्र अवस्था में था और चेहरा बुरी तरह सड़ चुका था। मौके से कुंडल, टूटा मंगलसूत्र, सफेद गमछा और गले में कसे हुए ब्लाउज जैसे साक्ष्य मिले थे, जिससे गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई गई।
शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद पुलिस ने स्वयं वादी बनकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच के दौरान महिला के हाथों पर बने टैटू—“कौशल्या”, “केआर” और “ॐ” जैसे चिन्ह—महत्वपूर्ण सुराग साबित हुए।
पुलिस ने एनसीआरबी, एससीआरबी और डीसीआरबी की मदद से हजारों गुमशुदा मामलों और मतदाता सूची का सत्यापन किया, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। इसके बाद 1 से 10 मई के बीच क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें तीन पुरुष और एक महिला को चंडी देवी की ओर जाते देखा गया। वापसी में महिला उनके साथ नहीं दिखी, जिससे शक और गहरा गया।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंची। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा के मृतका कौशल्या के साथ प्रेम संबंध थे। रामप्रकाश पहले से शादीशुदा था, लेकिन कौशल्या उस पर शादी का दबाव बना रही थी।
दबाव से परेशान होकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने कौशल्या को चंडी देवी के दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार बुलाया और सुनसान स्थान पर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया, ताकि पहचान न हो सके।
पुलिस ने तीनों आरोपियों—राकेश (25), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20) और छेदीलाल (24)—को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से तीन मोबाइल फोन और एक पिट्ठू बैग भी बरामद हुआ है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह एक जटिल ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसे तकनीकी जांच के आधार पर सुलझाया गया। उन्होंने कहा कि इस सफल खुलासे पर पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई है।


