उत्तराखंड में एक बार फिर खाकी सवालों के घेरे में है। विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम के स्थापना दिवस मेले से ठीक पहले नैनीताल जिले में पुलिस के दो जवानों पर एक युवती से कथित छेड़छाड़ और अभद्रता का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए स्थानीय लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद लोगों ने पुलिस चौकी का घेराव कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, 15 जून को आयोजित होने वाले कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले की ड्यूटी में तैनात दोनों पुलिसकर्मी रात के समय एक होमस्टे में रुके हुए थे। आरोप है कि उन्होंने शराब के नशे में होमस्टे संचालक की बेटी के साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर युवती के परिजनों और स्थानीय लोगों के साथ भी अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में दोनों पुलिसकर्मियों का अल्कोहल टेस्ट कराया गया, जिसमें शराब के सेवन की पुष्टि हुई। मेडिकल परीक्षण में भी इसकी पुष्टि होने के बाद दोनों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर कोतवाली भवाली में दोनों आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि धार्मिक आयोजन की ड्यूटी के दौरान शराब सेवन, अनुशासनहीनता या किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने दोनों आरोपितों को तत्काल निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है। मामले की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले से पहले सामने आई इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि को झटका दिया है। वहीं, प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


