अजब- गजब अंतरराष्ट्रीय जन मुद्दे देश/दुनिया राष्ट्रीय हिल दर्पण

क्या WhatsApp आपकी बातें सुन रहा है?… मेटा पर ग्लोबल प्राइवेसी केस

खबर शेयर करें -

व्हाट्सएप दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेंजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है और भारत सहित कई देशों में इसका व्यापक इस्तेमाल होता है। व्हाट्सएप और उसकी पैरेंट कंपनी मेटा लंबे समय से यूज़र्स की प्राइवेसी को लेकर बड़े दावे करती आई है। कंपनी का कहना है कि व्हाट्सएप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है, यानी दो यूज़र्स के बीच होने वाली बातचीत को उनके अलावा कोई तीसरा व्यक्ति नहीं पढ़ सकता, यहां तक कि खुद व्हाट्सएप या मेटा भी नहीं।

हालांकि अब इन दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं। मेटा के खिलाफ अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित एक यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक बड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि मेटा ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर यूज़र्स को भ्रामक जानकारी दी है। खास तौर पर व्हाट्सएप की सबसे बड़ी विशेषता मानी जाने वाली एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  अब क्लर्क और टैक्स इंस्पेक्टर संभालेंगे ईओ की कुर्सी!... उत्तराखंड में एक आदेश से मची हलचल

मुकदमे में दावा किया गया है कि मेटा वास्तव में व्हाट्सएप चैट्स को स्टोर करती है, उनका विश्लेषण करती है और कुछ आंतरिक टूल्स के ज़रिए कर्मचारियों को इन चैट्स तक पहुंच भी देती है। वादी पक्ष का कहना है कि यह अरबों यूज़र्स के साथ धोखा है, क्योंकि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि उनकी बातचीत पूरी तरह निजी और सुरक्षित है।

इस केस को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मैक्सिको और साउथ अफ्रीका समेत कई देशों के लोग शामिल हैं। इससे साफ है कि व्हाट्सएप की प्राइवेसी को लेकर उठी चिंताएं अब एक वैश्विक मुद्दा बन चुकी हैं। मुकदमे में यह भी कहा गया है कि कुछ व्हिसलब्लोअर्स ने इन कथित प्रैक्टिसेस को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई है, हालांकि उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  अब नैनीताल में नहीं आएगा 'नो सिग्नल'!... दूरसंचार कंपनियों को प्रशासन का अल्टीमेटम

वहीं मेटा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि यह मुकदमा बेबुनियाद है और वह इसे खारिज कराने के साथ-साथ केस दायर करने वाले वकीलों पर सैंक्शन लगाने की मांग भी करेगी। मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने आरोपों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप पिछले दस वर्षों से Signal प्रोटोकॉल पर आधारित एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल कर रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  इस राज्य में वारदात... उत्तराखंड में गिरफ्तारी! बदमाश का STF ने किया खेल खत्म

इस विवाद के बीच टेस्ला और एक्स के मालिक एलन मस्क ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि व्हाट्सएप और यहां तक कि Signal भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं और लोगों को X Chat का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके जवाब में व्हाट्सएप प्रमुख विल कैथकार्ट ने स्पष्ट किया कि व्हाट्सएप यूज़र्स के मैसेज नहीं पढ़ सकता, क्योंकि एन्क्रिप्शन कीज़ यूज़र के फोन में रहती हैं, कंपनी के पास नहीं। उन्होंने कहा कि यह मुकदमा केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश है।

 

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड चुनाव जन मुद्दे देहरादून

*चुनावी तैयारियां- गृह जिले में तैनात नहीं रहेंगे दरोगा, कुंडली जमाए कर्मियों के लिए आया यह आदेश*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके तहत निर्वाचन आयोग ने अहम निर्णय
उत्तराखण्ड जन मुद्दे देहरादून स्वास्थ्य

*कायाकल्प अवार्ड के लिए चयनित हुए उत्तराखंड के इतने अस्पताल, मिलेंगे 203.5 लाख*

खबर शेयर करें -देहरादून। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित क्वालिटी एश्यैरेंस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के