हल्द्वानी के चर्चित ‘शुद्धीकरण’ विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले अमित कुमार के खिलाफ वाल्मीकि समाज के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। समाज के लोगों ने हल्द्वानी कोतवाली पहुंचकर अमित कुमार के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है।
शिकायत में अमित कुमार के वाल्मीकि समाज से जुड़े होने पर सवाल उठाते हुए उनकी उपजाति और पहचान की जांच कराने की मांग की गई है। समाज के लोगों का आरोप है कि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत करने वाले अमित का वाल्मीकि समाज से कोई संबंध नहीं है और वह एससी समाज का नाम इस्तेमाल कर समुदाय को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। वाल्मीकि समाज ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 299 के अलावा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। अमित ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धीकरण यज्ञ’ को राहुल गांधी की ओर से जातिगत रंग दिए जाने का भी आरोप लगाया था।
अमित कुमार ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि वह वाल्मीकि समाज से हैं और 11 अगस्त को रामलीला मैदान में आयोजित सफाई एवं धार्मिक अनुष्ठान में मौजूद थे। उनका कहना था कि कार्यक्रम में अनुसूचित जाति समेत विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए थे और इसका किसी एक जाति विशेष से कोई संबंध नहीं था।
अमित ने आरोप लगाया कि 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने 11 अगस्त के कार्यक्रम को कथित तौर पर जातिगत रूप दिया, जिससे उनकी और वाल्मीकि समाज की भावनाएं आहत हुईं। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
रामलीला मैदान में ‘शुद्धीकरण’ का मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हुई जनसभा के बाद सामने आया था। आरोप है कि 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मैदान में ‘शुद्धीकरण यज्ञ’ किया। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम में भाजपा का कोई व्यक्ति शामिल नहीं था। अब शिकायतकर्ता अमित कुमार की पहचान को लेकर वाल्मीकि समाज की ओर से पुलिस में शिकायत दिए जाने के बाद विवाद ने एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है।


