उत्तराखंड में तेज बारिश के बीच बिजली की तार टूटने से बड़ा हादसा हो गया। ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में सड़क से गुजर रही एक महिला और उसकी दो वर्षीय बेटी टूटे बिजली के तार की चपेट में आ गईं। करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं। आसपास के लोगों ने उन्हें तत्काल एम्स ऋषिकेश पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना रविवार देर शाम की बताई जा रही है। खदरी की ग्राम प्रधान संगीता थपलियाल के अनुसार, शिव मंदिर गली निवासी सुमन पत्नी हरपाल जेठुड़ी अपनी दो वर्षीय बेटी के साथ मोटा प्लाट स्थित अपनी बहन के घर गई थीं। शाम को तेज बारिश के बीच दोनों घर लौट रही थीं।
बताया गया कि रास्ते में अचानक बिजली की तार टूटकर सड़क पर गिर गई। बारिश के कारण अंधेरा था और सुमन को सड़क पर पड़ी तार दिखाई नहीं दी। जैसे ही मां-बेटी तार के संपर्क में आईं, दोनों को जोरदार करंट लगा और वे मौके पर ही बेसुध होकर गिर गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मां-बेटी को मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद ग्रामीणों में ऊर्जा निगम के खिलाफ नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली की तार टूटने के बावजूद समय रहते बिजली की आपूर्ति बंद नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि तत्काल लाइन बंद कर दी जाती तो मां-बेटी को करंट की चपेट में आने से बचाया जा सकता था। वहीं, ऊर्जा निगम ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद ने बताया कि बिजली की तार टूटने के बाद नीचे बह रहे पानी के संपर्क में आ गई थी। इसी दौरान मां-बेटी करंट की चपेट में आईं और हादसा हो गया। घटना के बाद खदरी क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।


