उत्तराखंड में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक और घटना सामने आई है। अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने दोनों घटनाओं की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पड़ताल की जा रही है।
यह घटनाएं हरिद्वार जिले की हैं। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई, जहां गंगा किनारे करीब 10 माह की बच्ची का शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी कारणवश बच्ची की मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने उसके शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि गंगा के बहाव के साथ शव ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव गंगा में कैसे पहुंचा, इसका वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा।
वहीं, दूसरी घटना साई घाट के पास हुई, जहां गंगा किनारे महज एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के अनुसार नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस मामले ने पुलिस की जांच को और गंभीर बना दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जन्म के बाद बच्ची की मौत हुई और परिजनों ने शव को गंगा किनारे छोड़ दिया या फिर किसी अन्य वजह से नवजात को वहां फेंका गया।
गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर एक दिन की नवजात बच्ची के मामले में पुलिस जन्म, मृत्यु और शव को मौके तक पहुंचाए जाने की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के साथ आसपास के इलाकों में भी सुराग तलाश रही है।
त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार और एएसआई मुकेश शर्मा ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामलों की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


