उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले ही तेज बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। गुरुवार देर रात हुई अतिवृष्टि के कारण चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में हालात बिगड़ गए। मुख्य बाजार इलाके में भारी बारिश के चलते पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर नीचे आ गिरे, जिससे कई दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग तक फैल गया, जिसके कारण सड़क पूरी तरह बाधित हो गई और यातायात ठप पड़ गया। अचानक आई इस स्थिति से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को रातभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़ परिसर में भी मलबा घुस गया, जिससे स्कूल परिसर को नुकसान पहुंचा है। कई दुकानों के अंदर तक मलबा भर गया, जबकि सड़क किनारे खड़े वाहन भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मौके पर पहुंचीं और हाईवे से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। बाजार क्षेत्र और प्रभावित संस्थानों में भी सफाई और बहाली का काम तेजी से चल रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सड़क को जल्द से जल्द खोलने और यातायात को सामान्य करने के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रशासनिक टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र हर साल मानसून में भूस्खलन और मलबा गिरने की समस्या से जूझता है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों ने सरकार से ढलान स्थिरीकरण और स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग की है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी और हाईवे को जल्द बहाल किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।


