उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत तेज गर्मी के साथ हुई है। चटक धूप के कारण मैदानों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालात यह हैं कि लंबे समय बाद मार्च के पहले सप्ताह में ही इतनी गर्मी महसूस की जा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक रविवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब छह डिग्री अधिक 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले दस वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मार्च की शुरुआत में इतना तापमान पहले कभी दर्ज नहीं हुआ। बीते दशक में केवल 26 मार्च 2021 को 31.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में इस असामान्य बढ़ोतरी की मुख्य वजह जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदले पैटर्न को माना जा रहा है। जनवरी और फरवरी में अपेक्षित वर्षा न होने से भी गर्मी का असर जल्दी देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो इस वर्ष मार्च माह नए तापमान रिकॉर्ड बना सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में छह मार्च तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके चलते सामान्य तापमान में छह से सात डिग्री तक और बढ़ोतरी संभव है। हालांकि सात मार्च को पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदलने और हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है।


