हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद कथित मंच शुद्धिकरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। देशभर में विरोध और संसद में मामला उठाए जाने के बाद सोमवार को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार को मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने रामलीला मैदान के मंच का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया। पार्टी ने इसे संविधान की भावना और कानून के विपरीत बताते हुए कड़ी निंदा की। प्रीतम सिंह ने कहा कि मामले में सरकार की चुप्पी सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने राज्यपाल से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की पहचान कर भारतीय न्याय संहिता समेत अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि जातिगत भेदभाव और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले कृत्यों पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, मामला संसद में भी उठाया गया था, जहां सदन के नेता जेपी नड्डा ने मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से राज्य सरकार को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।


