नैनीताल में वन विभाग के डीएफओ कार्यालय में सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सफाई कर्मचारी ने कार्यालय के भीतर से धुआं निकलते देखा तो तत्काल अधिकारियों को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज आग की चपेट में आ चुके थे।
घटना में अकाउंट, भूमि हस्तांतरण और स्टैब्लिशमेंट से संबंधित रिकॉर्ड के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। आग की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यालय का निरीक्षण किया। फिलहाल जले और क्षतिग्रस्त रिकॉर्ड को अलग कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
डीएफओ आकाश गंगवार के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका है। हालांकि, आग किस कारण लगी और घटना में कितना नुकसान हुआ, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आग में कितनी फाइलें पूरी तरह जल गई हैं और कितने दस्तावेज आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। रिकॉर्ड की जांच के साथ नुकसान का विस्तृत ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
वन विभाग के लिए राहत की बात यह है कि प्रभावित अधिकांश रिकॉर्ड नैनीताल और देहरादून स्थित विभागीय कार्यालयों में ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ऐसे में आवश्यक दस्तावेजों और रिकॉर्ड को दोबारा हासिल करने में विभाग को मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल दमकल विभाग और वन विभाग की ओर से घटना की जांच की जा रही है। आग कार्यालय के किस हिस्से से शुरू हुई और कितने रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा, इसकी पड़ताल जारी है। जांच पूरी होने के बाद आग लगने के वास्तविक कारण और नुकसान की स्थिति साफ हो सकेगी।



