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अतिक्रमण बनाम आशियाना… आज आएगा बनभूलपुरा के भविष्य का अंतिम फैसला?

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हल्द्वानी के बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में मंगलवार, 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। इस सुनवाई को हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा माना जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

यह मामला हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण से संबंधित है। रेलवे विभाग ने लगभग 30 हेक्टेयर भूमि को अपनी संपत्ति बताते हुए वहां बने निर्माण को अवैध बताया है। इसी भूमि पर बने भवनों को हटाने को लेकर मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

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जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में करीब 4,365 भवन बने हुए हैं, जिनमें 40 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर में पहले से तैनात पुलिस बल के अलावा बाहरी जनपदों से अतिरिक्त फोर्स मंगाई गई है। आईआरबी और पीएसी की टुकड़ियां भी हल्द्वानी पहुंच चुकी हैं।

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बनभूलपुरा और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अफवाह या भीड़ जुटने की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। साथ ही खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है और सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखी जा रही है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। वहीं एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी अराजक तत्व से सख्ती से निपटा जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।

 

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हिल दर्पण डेस्क

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