उत्तराखंड हाई कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले की किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दोनों पालिकाओं में हुए चुनाव की मतगणना तीन सप्ताह के भीतर कराने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मतदान के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर हंगामा होने से तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतगणना कराने को अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। सरकार ने मतगणना और चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था। कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह के बजाय तीन सप्ताह का समय दिया।
इससे पहले हाई कोर्ट की एकलपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग की मतगणना स्थगित करने संबंधी अधिसूचना पर रोक लगाते हुए सवाल उठाया था कि मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना पर रोक क्यों लगाई गई है। एकलपीठ ने मतगणना शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए थे।
किच्छा निवासी अलीना मलिक ने याचिका दायर कर पालिकाध्यक्ष और सभासद पदों के लिए हुए चुनाव की मतगणना कराने की मांग की थी। पूर्व में सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया था कि दोनों नगर पालिकाओं में 22 सितंबर को मतदान कराया जाएगा और मतदान के बाद होने वाली मतगणना को अग्रिम आदेश तक स्थगित रखा गया है।
आयोग की अधिसूचना के बाद एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख तय की थी। इसी बीच मतगणना स्थगित रखने से संबंधित आयोग और राज्य सरकार के आदेश को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी गई। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने तीन सप्ताह के भीतर मतगणना कराने का आदेश दिया है।


