अंतरराष्ट्रीय जन मुद्दे राष्ट्रीय हिल दर्पण

हॉर्मुज तनाव का असर…क्या अब छोटा होगा आपका LPG सिलेंडर?

खबर शेयर करें -

मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और तनाव का असर अब भारत के आम घरों तक महसूस किया जा रहा है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने वैश्विक तेल और गैस सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे भारत में एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है। आयात पर निर्भर भारत इस समय गैस आपूर्ति के गंभीर संकट का सामना कर रहा है।

स्थिति को संभालने के लिए सरकार एक अहम कदम पर विचार कर रही है—घरेलू गैस सिलेंडर के वजन में कटौती। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा 14.2 किलो के सिलेंडर को घटाकर 10 किलो करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसका उद्देश्य सीमित गैस स्टॉक के बावजूद अधिक से अधिक घरों तक आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यदि यह लागू होता है, तो सिलेंडर की कीमत भी उसी अनुपात में कम की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा बोझ न पड़े। नए सिलेंडरों को अलग पहचान देने के लिए विशेष स्टिकर या अलग रंग की सील का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  अब नैनीताल में नहीं आएगा 'नो सिग्नल'!... दूरसंचार कंपनियों को प्रशासन का अल्टीमेटम

इस संकट की जड़ हॉर्मुज जलडमरूमध्य है, जो भारत के लिए गैस आयात का मुख्य मार्ग है। मौजूदा हालात के कारण इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश में गैस की आपूर्ति तेजी से घट रही है और स्टॉक चिंताजनक स्तर तक पहुंच रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में बड़ा पेपर लीक कांड!... परीक्षा से पहले वायरल हुआ प्रश्नपत्र, प्रोफेसर पर गिरी गाज

आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कुछ सख्त कदम भी उठाए हैं। अब गैस सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही कीमतों में हाल ही में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कमर्शियल उपयोग को सीमित किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  सड़क बनी या भ्रष्टाचार की राह?...नैनीताल डीएम ने बैठाई हाई लेवल जांच समिति

हालांकि, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि अचानक बदलाव से लोगों में भ्रम और नाराजगी पैदा हो सकती है, खासकर चुनावी माहौल वाले राज्यों में। साथ ही, बॉटलिंग प्लांट्स में तकनीकी बदलाव भी एक बड़ी चुनौती है। सरकार का फिलहाल मुख्य लक्ष्य किसी भी कीमत पर गैस की पूरी तरह कमी (ड्राई-आउट) की स्थिति से बचना है। आने वाले दिन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड चुनाव जन मुद्दे देहरादून

*चुनावी तैयारियां- गृह जिले में तैनात नहीं रहेंगे दरोगा, कुंडली जमाए कर्मियों के लिए आया यह आदेश*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके तहत निर्वाचन आयोग ने अहम निर्णय
उत्तराखण्ड जन मुद्दे देहरादून स्वास्थ्य

*कायाकल्प अवार्ड के लिए चयनित हुए उत्तराखंड के इतने अस्पताल, मिलेंगे 203.5 लाख*

खबर शेयर करें -देहरादून। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित क्वालिटी एश्यैरेंस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के