उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा धांधली मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कई स्थानों पर छापेमारी की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सहायक और पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के आवास पर हुई तलाशी में ईडी ने 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, 12 लग्जरी घड़ियां और 200 ग्राम से अधिक सोना जब्त किया है। इसके अलावा जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में मौजूद करीब 52 लाख रुपये की राशि फ्रीज की गई है। ईडी के अनुसार जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों की कुल कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये है।
जांच एजेंसी ने चंदन सिंह जीना का मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। जीना वर्ष 2014 से 2017 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी रहे थे और उनके निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
यह मामला वर्ष 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में कथित धांधली से जुड़ा है। मामले की जांच पहले विजिलेंस ने शुरू की थी। वर्ष 2023 में जांच एसटीएफ को सौंपे जाने के बाद आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस की एफआईआर और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इसी सिलसिले में गुरुवार को ईडी की टीमों ने आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएसएस रावत, सचिव आरएस कन्याल, परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया और परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी से जुड़े अधिकारियों के परिसरों पर भी तलाशी ली।
ईडी की जांच में परीक्षा धांधली से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और धन के स्रोतों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी की इस कार्रवाई से मामले में वित्तीय पहलुओं की जांच भी तेज हो गई है।


