उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 10 अगस्त तक का पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्यभर में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने 5 अगस्त (बुधवार) को देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य कई जिलों में भारी बारिश और तेज बारिश के दौर को देखते हुए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने के साथ तेज से अति तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। वहीं टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
6 अगस्त (गुरुवार) को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पौड़ी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। अन्य पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं, जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इस दिन पूरे प्रदेश के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
7 अगस्त (शुक्रवार) को देहरादून, टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
8 अगस्त (शनिवार) को रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अन्य पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं तीव्र से अति तीव्र वर्षा हो सकती है। मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 अगस्त को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार लगातार बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कें बाधित होने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा बिजली, पेयजल जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।


