हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ कथित शुद्धिकरण विवाद अब एफआईआर की मांग को लेकर तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को भारी बारिश के बीच विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बहुउद्देशीय भवन पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस से मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस का आरोप है कि खरगे के कार्यक्रम के बाद रामलीला मैदान का कथित शुद्धिकरण कर दलित समाज का अपमान किया गया। इसी मांग को लेकर 31 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को तहरीर सौंपी थी। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तहरीर लेकर जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। कांग्रेस ने मंगलवार सुबह 11 बजे तक कार्रवाई की समय सीमा तय की थी।
समय सीमा समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा पुलिस कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कुछ समय के लिए बहुउद्देशीय भवन और कोतवाली के गेट भी बंद किए गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई।
इस दौरान मीडिया कर्मियों के प्रवेश को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी। स्थानीय पत्रकारों ने आरोप लगाया कि उन्हें भवन के अंदर जाने से रोका गया, जबकि कुछ बाहरी मीडिया कर्मियों को प्रवेश दिया गया। विरोध के बाद पुलिस ने स्थानीय पत्रकारों को भी अंदर जाने की अनुमति दे दी।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं एसएसपी नैनीताल ने कहा कि पुलिस को तहरीर मिल चुकी है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उसका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद तथ्यों और कानून के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रामलीला मैदान से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के दबाव और प्रशासन की कानूनी प्रक्रिया के बीच पहुंच गया है।


