उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शनिवार को कैंप कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जनता की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। जनसुनवाई में भूमि विवाद, धोखाधड़ी, अवैध कब्जा एवं वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान केवीएम पब्लिक स्कूल से जुड़े भूमि विवाद में शिकायतकर्ता भव्ये भंडारी ने आरोप लगाया कि 30 वर्षीय लीज अनुबंध के बावजूद संबंधित भूमि स्वामी द्वारा कब्जा नहीं छोड़ा गया है। वहीं दूसरे पक्ष शमशाद हुसैन ने बताया कि उन्होंने 52 लाख रुपये की राशि विद्यालय को वापस कर दी है। इस मामले पर आयुक्त ने दोनों पक्षों को विधिक प्रक्रिया के तहत अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार नई बस्ती वार्ड-26 निवासी जुबेदा ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके दिवंगत पति द्वारा दिए गए 3.50 लाख रुपये में से 1.20 लाख रुपये वापस कर दिए गए हैं, जबकि शेष राशि नहीं दी जा रही है। इस पर आयुक्त ने आगामी जनसुनवाई में दोनों पक्षों को सुनकर बकाया राशि दिलाने का आश्वासन दिया।
एक अन्य मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी डीलर शिव कुमार द्वारा ग्राफिक एरा क्षेत्र के पास प्लॉट दिखाकर 9 लाख रुपये का एग्रीमेंट कराया गया, लेकिन बाद में भू-स्वामी ने जमीन बेचने से इंकार कर दिया। इस पर डीलर द्वारा 50 प्रतिशत राशि वापस कर दी गई, जबकि शेष धनराशि के लिए आयुक्त ने शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
इसी दौरान काठगोदाम निवासी एक शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर अश्लील फोटो एवं वीडियो प्रसारित किए जाने की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने आरोपी को कड़े निर्देश दिए और चेतावनी दी कि भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


