हल्द्वानी: कभी-कभी ज़िंदगी एक पल में पूरी तरह बदल जाती है। कुमाऊँ के एक साधारण परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जब घर पर अचानक एक युवक की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। ज़हर सेवन के कारण उसे तेज़ उल्टियाँ हुईं, पेट में असहनीय दर्द था और धीरे-धीरे शरीर जवाब देने लगा।
परिजन घबरा गए। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक इलाज देने के बावजूद हालत बिगड़ती चली गई। तभी मरीज को चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी लाया गया।
इमरजेंसी में पहुँचते ही डॉ. स्वाति चमोली और ICU टीम ने बिना देर किए इलाज शुरू किया। मरीज को ICU में भर्ती किया गया, जहां हर पल उसकी सांसों, धड़कनों और शरीर के अंगों पर कड़ी निगरानी रखी गई। स्थिति बेहद गंभीर थी — सांस लेने में दिक्कत, शरीर के कई अंग प्रभावित और जान पर सीधा खतरा।
कई दिनों तक मरीज वेंटिलेटर पर रहा। हर सांस एक संघर्ष थी, लेकिन डॉक्टरों की सूझबूझ, नर्सों की सतत देखभाल और पूरे स्टाफ की टीमवर्क ने हालात धीरे-धीरे बदलना शुरू किया। ICU में सिर्फ़ दवाइयाँ और मशीनें नहीं, मानवता, धैर्य और भरोसा भी काम कर रहे थे।
परिजन बताते हैं कि इतनी बड़ी मुसीबत में हमें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया गया। ICU में भी इंसानियत ज़िंदा महसूस हुई। धीरे-धीरे मरीज में सुधार हुआ, वेंटिलेटर हटाया गया और ज़िंदगी की नई शुरुआत हुई। आज वही मरीज पहले से बेहतर है और डॉक्टरों की सलाह के साथ सुरक्षित रूप से घर लौट गया।
चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी ने यह साबित कर दिया कि अब कुमाऊँ के लोग गंभीर इलाज के लिए बड़े शहरों तक जाने की जरूरत नहीं। आधुनिक ICU सुविधाएँ, अनुभवी डॉक्टर और मानवीय देखभाल — सब कुछ यहीं उपलब्ध है।


