नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड कार्यालय में दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा की अध्यक्षता में दुग्ध उत्पादकों एवं वनाधिकार संगठन पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर चल रहे प्रयासों तथा आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 19 जून 2024 को जिलास्तरीय वनाधिकार समिति द्वारा बिंदुखत्ता के राजस्व ग्राम दावे को दी गई स्वीकृति के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 19 जून 2026 (शुक्रवार) को सायं 4 बजे हाटकालिका मंदिर, तिवारी नगर में सुंदरकांड पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में दुग्ध संघ के अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
वन अधिकार संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बिंदुखत्ता के राजस्व ग्राम दावे को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिक से अधिक क्षेत्रवासियों से आगामी कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि बिंदुखत्ता क्षेत्र दुग्ध उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिले में प्रतिदिन लगभग 1 लाख 40 हजार लीटर दूध दुग्ध संघ को प्राप्त होता है, जिसमें से करीब 25 हजार लीटर दूध केवल बिंदुखत्ता क्षेत्र की 55 दुग्ध समितियों से मिलता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 10 लाख रुपये का दूध क्रय किया जाता है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता का दुग्ध विकास में ऐतिहासिक योगदान रहा है, जिसकी नींव वर्ष 1948 से जुड़ी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा प्रदान करती है तो दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
वन अधिकार संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि यह मांग वर्षों पुरानी है और इसे लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने “संघर्ष हमारा, अधिकार हमारा, वन हमारा, जीवन हमारा” के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात कही। बैठक में दुग्ध संघ सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा, वन अधिकार समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, कोषाध्यक्ष चंचल सिंह कोरंगा, सचिव बलवंत सिंह बिष्ट सहित कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।


