हल्द्वानी में शनिवार को कैंप कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि यात्रा का शुभारंभ 4 जुलाई से होगा, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 5 जुलाई को टनकपुर स्थित टीआरसी से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर लिपुलेख-गुंजी मार्ग के लिए रवाना करेंगे। इस वर्ष कुल 10 दल यात्रा पर जाएंगे, जिनमें प्रत्येक दल में करीब 50 श्रद्धालु शामिल होंगे। टनकपुर से यात्रा की अवधि 18 दिन निर्धारित की गई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चंपावत और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, बीआरओ, एनएचएआई और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। आयुक्त ने यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, भोजन, पेयजल, परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, मेडिकल टीम, पैरामेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें। साथ ही बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को अलर्ट मोड पर रखने तथा जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को कहा गया।
बीआरओ और एनएचएआई को निर्देशित किया गया कि मार्ग बाधित होने की स्थिति में तुरंत उसे खोलने की कार्रवाई की जाए और संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी व संसाधन पहले से ही तैनात रखे जाएं।
दीपक रावत ने सभी विभागों से “अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। उन्होंने सभी तैयारियों को समय से पहले पूरा करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर बल दिया।


