उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से 13 अगस्त को जारी पूर्वानुमान के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से पूरी रखें और विभाग आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।
मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। चंपावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश की संभावना के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।
15 अगस्त को पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट रहेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 16 अगस्त को चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि 17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में इन दिनों येलो अलर्ट के तहत तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने आमजन से मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलधाराओं के आसपास जाने से बचने तथा भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने और सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने को कहा गया है। अधिकारियों ने बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।


