उत्तराखंड में पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर ले जाए जा रहे हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी पर हुई फायरिंग के मामले में एसएसपी हरिद्वार ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर एक उपनिरीक्षक (एसआई) और दो कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच के आदेश पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को दिए गए हैं।
यह वारदात बुधवार दोपहर करीब एक बजे लक्सर-हरिद्वार हाईवे स्थित ओवरब्रिज पर हुई। रुड़की कारागार में बंद मेरठ निवासी कुख्यात बदमाश विनय त्यागी को धोखाधड़ी के एक मामले में लक्सर एसीजेएम कोर्ट में पेश किया जाना था। छह पुलिसकर्मियों की टीम उसे सरकारी टाटा सूमो वाहन से लक्सर लेकर जा रही थी। फ्लाईओवर पर जाम के कारण वाहन रुकते ही पहले से घात लगाए दो बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने अचानक पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
फायरिंग में विनय त्यागी को तीन गोलियां लगीं और वह वाहन के अंदर ही गिर पड़ा, जबकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। दो पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए भीड़ के बीच से फरार हो गए। घायल विनय त्यागी को तुरंत लक्सर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी देहात, सीओ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी हाथों में हथियार लेकर बदमाशों के पीछे “पकड़ो-पकड़ो” चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि बदमाश आसानी से फरार हो गए। वीडियो में एक राहगीर की आवाज भी सुनाई दे रही है, जो पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाता दिखता है।


