हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने नागरिकों की विभिन्न समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान व कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में पेंशन, आधार कार्ड संशोधन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अनुसूचित जाति भवन पर कब्जा, अवैध पेड़ कटान और राजस्व से जुड़े कई मामले सामने आए। आयुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान एक मामले में सोशल मीडिया पर बिना मालिक की अनुमति के संपत्ति का प्रचार-प्रसार किए जाने की शिकायत पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की संपत्ति का फोटो, वीडियो या विवरण बिना अनुमति सोशल मीडिया पर डालना डिजिटल धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है और इसके लिए आईटी एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने दोनों पक्षों को कार्यालय में तलब कर स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना प्रमाण और अनुमति के किसी भी संपत्ति का प्रचार न किया जाए।
लैंड फ्रॉड से जुड़े एक अन्य मामले में शिकायतकर्ता कर्नल जीवेंद्र सिंह ने आरटीओ रोड स्थित भूमि पर कब्जे की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने तहसील हल्द्वानी के लेखपाल को जांच के निर्देश दिए और प्रथम दृष्टया भूमि विक्रेता पी.सी. पंत, विभा पंत और प्रॉपर्टी डीलर मदन टम्टा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
एक अन्य प्रकरण में ग्राम गुलजारपुर (कालाढूंगी) में भूमि विवाद के दौरान तीन पेड़ों की अवैध कटान और बिक्री का मामला सामने आया। इस पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखना अनिवार्य है और इस दौरान संपत्ति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन गैरकानूनी है। उन्होंने बेचे गए पेड़ों से प्राप्त ₹1.80 लाख की राशि को तत्काल सरकारी खाते में सुरक्षित जमा कराने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिए।
इसके अलावा पेंशन बहाली, परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने और आधार कार्ड में सुधार जैसी समस्याओं पर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


