उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी की दिल्ली के मालवीय नगर में हुए अग्निकांड मामले में गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग उठाई। वहीं कांग्रेस ने भी इस कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीएम धामी ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा और जांच पूरी तरह तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि दिल्ली पुलिस और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएंगी। सीएम धामी ने केशव नेगी की बेटी कनिष्का नेगी से भी बात की और परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार देशभर में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ मजबूती से खड़ी है।
इस बीच हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी दिल्ली पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि 3 जून को मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने की घटना हुई थी। इस हादसे में बेसमेंट में फंसे 21 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। मृतकों में अधिकतर विदेशी नागरिक शामिल थे। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इस मामले में होटल के मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
इधर उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी केशव नेगी की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई पर गंभीर पुनर्विचार होना चाहिए। गोदियाल ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार विभागों से ध्यान भटकाने के लिए यह गिरफ्तारी की गई है।
उन्होंने कहा कि हादसे के बाद जिस तरह की कार्रवाई की गई है, वह और अधिक पीड़ादायक है। उनका कहना है कि केशव नेगी उसी होटल में शेफ के रूप में कार्यरत थे और मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उन पर यह आरोप लगाया गया है कि आग बुझाने में उन्होंने योगदान नहीं दिया, जबकि अचानक आग लगने की स्थिति में लोग अक्सर अपनी जान बचाने के लिए भागते हैं, और संभव है कि उन्होंने भी ऐसा ही किया हो।


