उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर कोटद्वार फायर स्टेशन के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी भूपेश त्यागी पर पौड़ी गढ़वाल के लैंसडाउन स्थित एक होटल की फायर एनओसी जारी करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने लैंसडाउन स्थित होटल के लिए अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) बनवाने के लिए कोटद्वार फायर स्टेशन में संपर्क किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के बदले प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग से इसकी शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता सेक्टर देहरादून की टीम ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की।
बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सतर्कता विभाग की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से अग्निशमन विभाग में हड़कंप मच गया है। सतर्कता विभाग की ओर से मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।



