उत्तराखंड में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक गुमनाम पत्र ने प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। पत्र में रुद्रपुर की एक युवती पर आरोप लगाया गया है कि वह हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर उन पर धर्मांतरण का दबाव बना रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि 2 फरवरी को रुद्रपुर कोतवाली पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से एक गुमनाम पत्र मिला। इसमें एक अज्ञात युवती ने विशेष समुदाय की एक लड़की पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्र के सामने आते ही क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा (वर्तमान में एसपी अभिसूचना) ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी क्राइम निहारिका तोमर को जांच अधिकारी नियुक्त किया। कोतवाली पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम बनाकर पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू की गई। सबसे पहले पत्र लिखने वाली कथित गुमनाम युवती की पहचान और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की गई।
जांच में सामने आया कि यह पत्र एक स्कूली छात्रा को सरस्वती शिशु मंदिर के गेट पर मिला था। छात्रा ने पत्र स्कूल की एक महिला कर्मचारी को सौंप दिया। महिला कर्मचारी ने पत्र की फोटो लेकर उसे कुछ सोशल मीडिया समूहों में साझा कर दिया और उसकी फोटो कॉपी स्कूल प्रबंधन को दे दी। बाद में मूल पत्र को फाड़कर फेंक दिया गया।
एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि मूल पत्र बरामद होता है तो लिखावट की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे सच्चाई स्पष्ट हो सके। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है और मामले की सत्यता की पुष्टि होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।


