उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री और सप्लाई करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना विशद कुमार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पूर्व में कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी का मालिक रह चुका है। एसटीएफ के अनुसार, इसी कंपनी पर कोरोना काल में नकली रेमडेसिविर बनाने के आरोप लगे थे। वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस की ओर से भी कंपनी के संबंध में कार्रवाई और सैंपलिंग की गई थी।
एसटीएफ के मुताबिक गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल तैयार कर ऑनलाइन बिक्री और सप्लाई करता था। मामले में एसटीएफ पहले ही संभल निवासी जतिन और देहरादून निवासी गौरव त्यागी को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ और विवेचना के दौरान मिले इनपुट के आधार पर टीम ने गिरोह के मुख्य सरगना विशद कुमार को बिजनौर से दबोचा।
जांच में सामने आया कि नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी पहले भी नकली दवाओं के मामले में जांच के दायरे में रही है। वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के दौरान कंपनी में नकली रेमडेसिविर के निर्माण के आरोप लगे थे। वहीं 2024 में तेलंगाना पुलिस ने कंपनी से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए सैंपल लिए थे। एसटीएफ के अनुसार कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस भी निरस्त किया जा चुका है।
एसटीएफ ने बताया कि 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित कंपनी में नकली दवाओं के अवैध निर्माण की सूचना पर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। इस दौरान मौके से करीब तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट बनाने में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं, अवैध औषधि निर्माण या बिना वैध लाइसेंस संचालित फैक्ट्री की जानकारी तत्काल एसटीएफ को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


