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डमरू की गूंज, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और तिरंगों की छटा… भव्य हुई टपकेश्वर महादेव की यात्रा

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देवभूमि उत्तराखंड में  श्री टपकेश्वर महादेव के नगर भ्रमण पर निकलते ही द्रोणनगरी हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी। श्री टपकेश्वर महादेव सेवा दल की ओर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा में आस्था, संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। शिव स्वरूपों पर नृत्य करते श्रद्धालु, उज्जैन का डमरू दल, सिर पर कलश लेकर चलती महिलाएं और शिव बरात ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

शोभायात्रा में भोले की सेना के कलाकारों ने विभिन्न करतब दिखाए। आतिशबाजी के बीच हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जबकि भजनों के साथ देशभक्ति गीतों ने श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया। फूलों से सजी ट्रालियों पर लगाए गए तिरंगे यात्रा के विशेष आकर्षण रहे। शहर में जगह-जगह सामाजिक, धार्मिक संगठनों और व्यापारियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

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सुबह शिवाजी धर्मशाला से शुरू हुई शोभायात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। उन्होंने भगवान टपकेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का भी माध्यम हैं।

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मंदिर में श्री 108 महंत कृष्णा गिरी महाराज, दिगंबर भरत गिरी और कैबिनेट मंत्री खजानदास ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद सुबह 9:30 बजे शोभायात्रा का पहला डोला रवाना हुआ। यात्रा सहारनपुर चौक, झंडा बाजार, रामलीला बाजार, पीपल मंडी, धामावाला बाजार, पलटन बाजार, घंटाघर, चकराता रोड, बिंदाल पुल, कैंट बोर्ड कार्यालय, डाकरा बाजार और गढ़ी कैंट होते हुए टपकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण पहुंची।

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शोभायात्रा में महादेव के चार स्वरूप श्री दूधेश्वर, श्री टपकेश्वर, श्री तपेश्वर और श्री देवेश्वर की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। आगरा, ग्वालियर, दिल्ली और देहरादून से आए विभिन्न बैंड दलों ने प्रस्तुतियां दीं। उज्जैन महाकाल की आरती में बजने वाला डमरू दल, छप्पन भोग के साथ खाटू श्याम, बगलामुखी माता, तिरुपति बालाजी, मेहंदीपुर बालाजी और महाकाल की भस्म आरती की झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

हिल दर्पण डेस्क

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